बिलासपुर की एक महिला अपनी ही छत को बचाने इंसाफ की गुहार लेकर आईजी ऑफिस पहुंची। मामला पारिवारिक है, लेकिन पीड़ा गहरी जहां बहन का आरोप है कि उसका सगा भाई ही उसकी ज़िंदगी की छत छीन बैठा।विनोबा नगर निवासी कुमारी अर्चना लाल का दावा है कि वह वर्षों से उस मकान में रह रही थीं, जो उनके माता पिता का था। माता पिता के निधन के बाद वह अकेली वहीं रह रही थीं और सामने की तीन दुकानों से मिलने वाले किराए से गुज़ारा कर रही थीं।उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्हें स्वास्थ्य कारणों से रायपुर जाना पड़ा।इलाज के बाद जब वे लौटीं तो देखा कि उनके घर का ताला टूटा हुआ है और किसी और ने नया ताला जड़ दिया है।पूछताछ में पता चला कि यह काम उनके सगे भाई अरुण लाल ने किया है, जो अब उस घर पर अपना अधिकार जताते हुए न केवल कब्जा कर बैठा है, बल्कि धमकियां देकर उन्हें बाहर निकाल चुका है।अर्चना का कहना है कि उनके पास इस घर के अलावा न कोई सहारा है और न कोई ठिकाना। वे अब न्याय के लिए प्रशासन के दरवाज़े खटखटा रही हैं।




