
बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत लगभग 16 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्होंने कोविड काल जैसी विषम परिस्थितियों में भी अपनी सेवाएं दीं। इनके योगदान से राज्य को स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिले हैं।ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारी वर्ष 2018 में निर्मित मानव संसाधन नीति के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन समय के साथ समस्याएं बढ़ी हैं और अब नीति में बदलाव की आवश्यकता है। संघ ने इस संबंध में 10 सूत्रीय मांगें रखीं और तत्काल समाधान की मांग की।मुख्य मांगों में एनएचएम संविदा कर्मियों का स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, समान कार्य के लिए समान वेतन के तहत ग्रेड पे निर्धारण, कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता और लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि को लागू करना शामिल है।संघ का कहना है कि मध्यप्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में एनएचएम कर्मचारियों को ग्रेड पे सहित कई सुविधाएं दी गई हैं। लिहाजा छत्तीसगढ़ सरकार को भी कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत हों और संविदा कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।




