
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से जरहाभाटा स्थित शासकीय जमुना प्रसाद कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की अवधारणा, उसके लाभ और शिक्षा व्यवस्था में उसके महत्व से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों से आए शोधार्थियों ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और बताया कि किस प्रकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बेहतर तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है।कार्यशाला में करीब 84 महाविद्यालयों के सहायक प्राध्यापक और प्राध्यापकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा में हो रहे बदलाव, कौशल आधारित शिक्षा, बहुविषयक अध्ययन और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही यह भी बताया गया कि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और उपयोगी बनाने के लिए विभिन्न माध्यमों और गतिविधियों का उपयोग कैसे किया जा सकता है।दो दिवसीय इस कार्यशाला में शोधार्थियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने चर्चा, संवाद और प्रस्तुतियों के माध्यम से नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं को समझा और शिक्षा के क्षेत्र में इसके सकारात्मक प्रभावों से रूबरू हुए। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के कार्यक्रमों से शिक्षा नीति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।




