
बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित खाद्य शाखा की स्थिति अत्यंत दयनीय और चिंताजनक है। यहां चारों ओर गंदगी फैली हुई है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो इस विभाग में वर्षों से कोई सफाई नहीं हुई हो।

कार्यालय के कोनों और दीवारों पर गुटखा थूक के निशान साफ नजर आते हैं, वहीं फर्श पर कचरा और धूल-मिट्टी की मोटी परत देखी जा सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी गंदगी के बीच विभागीय कर्मचारी नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। पुरानी फाइलों और दस्तावेजों से भरे कमरों की दशा यह दर्शाती है कि सफाई को लेकर विभाग में कोई गंभीरता नहीं है।

कंप्यूटर और अन्य उपकरण भी कचरे की तरह बेतरतीब ढंग से पड़े हुए हैं स्वच्छता को लेकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के बीच इस तरह की स्थिति किसी विडंबना से कम नहीं है।

इतना महत्वपूर्ण सरकारी विभाग होने के बावजूद यहां साफ-सफाई की अनदेखी करना अधिकारियों की उदासीनता को दर्शाता है। यहां की स्थिति देखकर यह समझना मुश्किल नहीं कि स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत सबसे पहले यहीं से की जानी चाहिए।

गंदगी न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह प्रशासन की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस पर कब संज्ञान लेता है और कब इस उपेक्षित शाखा की सफाई व मरम्मत की दिशा में कदम उठाए जाते हैं।




