
बिलासपुर में शुक्रवार को कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोपों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस ग्रामीण पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के इशारे पर मतदाता सूची में नामों में फेरबदल किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई मतदाताओं के नाम बिना जानकारी हटाए या दूसरी विधानसभा क्षेत्रों में शिफ्ट कर दिए जा रहे हैं।

कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि निर्वाचन प्रक्रिया में जानबूझकर अव्यवस्था पैदा की जा रही है, जिससे आगामी चुनावों को प्रभावित किया जा सके। आरोपों के मुताबिक बड़ी संख्या में ऐसे नाम पाए गए हैं जिन्हें बिना किसी उचित कारण के सूची से हटा दिया गया या स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे आम नागरिकों में भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इन शिकायतों को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल, जिसमें सभी पार्षद, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी शामिल थे, कलेक्टर संजय अग्रवाल से मिला।

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की तत्काल जांच करने और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी की तरफ से लगातार दबाव बनाकर नए नाम जोड़े जा रहे हैं और कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नाम हटाए जा रहे हैं, जिसे वे पूरी तरह राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं।

उनका आरोप है कि इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ है और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए जांच का भरोसा दिलाया है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। इन आरोपों के बाद बिलासपुर की सियासी गर्मी और बढ़ गई है।




