
कोटा थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर मारपीट और वसूली के आरोप से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वायरल वीडियो के आधार पर खबर सामने आई जिसमें कुछ युवकों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने होली के दौरान उन्हें डराकर पैसे की मांग की और मारपीट की। हालांकि मामले को लेकर एसडीओपी नूपुर उपाध्याय ने कहा कि इस तरह के समाचार बिना पुष्टि के बनाए गए हैं और वास्तविकता इससे अलग है।एसडीओपी के अनुसार 4 मार्च की शाम वार्ड पार्षद भागवत साहू ने पुलिस को सूचना दी थी कि फिरंगीपारा और देवरियापारा इलाके में कुछ युवक कपड़े उतारकर गाली-गलौज और हुड़दंग कर रहे हैं, जिससे मोहल्ले में दहशत का माहौल था।

सूचना पर पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और पार्षद के साथ मिलकर लोगों को समझाइश देकर वहां शांति व्यवस्था बनाई। वहीं डीआईजी रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि खबरों की सत्यता बनाए रखना जरूरी है और पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।इसी बीच वार्ड पार्षद भागवत साहू का भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने बताया कि मोहल्ले में कुछ युवक हुड़दंग और अभद्र व्यवहार कर रहे थे, जिसकी सूचना उन्होंने ही पुलिस को दी थी। पार्षद के अनुसार पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है, हालांकि जांच पूरी होने से पहले ही एसडीओपी ने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।




