18 C
Bilāspur
Saturday, February 28, 2026
spot_img

कोनी कृषि कॉलेज बना आमों का खजाना, 67 किस्मों से महक रहा बिलासपुर बिना केमिकल के तैयार हो रहे हैं सेहतमंद आम

बिलासपुर का ठाकुर बैरिस्टर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र अब आम की खेती और अनुसंधान के क्षेत्र में प्रदेश का प्रमुख केंद्र बन गया है। कोनी स्थित इस कॉलेज में आम की 67 से अधिक किस्मों का संरक्षण, संवर्धन और नर्सरी विकास किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र आम की खुशबू से महक रहा है। यहाँ तैयार किए जा रहे आमों की सबसे बड़ी खासियत है कि इन्हें बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के प्राकृतिक रूप से पकाया जाता है। हाफूस, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, सिंदूरी जैसी लोकप्रिय किस्मों के साथ-साथ कई दुर्लभ प्रजातियाँ भी यहाँ पाई जाती हैं। इन आमों को कॉलेज परिसर से ही बाजार दर पर आम जनता को उपलब्ध कराया जा रहा है।

कॉलेज का यह प्रयास न केवल उपभोक्ताओं को शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक फल प्रदान कर रहा है, बल्कि छात्रों को भी आम की नई किस्मों के विकास का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक नई किस्म को विकसित करने में करीब 15 वर्षों का गहन शोध लगता है, जिसे यहाँ गंभीरता से अंजाम दिया जा रहा है। हाल ही में रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम प्रदर्शनी में कॉलेज को उसके उत्कृष्ट अनुसंधान और संरक्षण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल कॉलेज के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व की बात है। कॉलेज किसानों के लिए भी एक संसाधन केंद्र बन चुका है, जहां से वे आम की सभी किस्मों के पौधे प्राप्त कर सकते हैं। इससे स्थानीय किसान वैज्ञानिक विधियों से आम की खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर उत्पादन और आमदनी मिल रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

132,000FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles