
गर्मी की दस्तक के साथ ही शहर में मच्छरों का आतंक बढ़ने लगा है। शाम ढलते ही हालात ऐसे हो जाते हैं कि लोगों का घर के बाहर बैठना, टहलना या बाजार तक जाना मुश्किल हो जाता है। स्लम क्षेत्रों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब खाद्य, लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है और शहर को मच्छर मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।खाद्य, लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग के पार्षद एवं एमआईसी मेंबर श्याम साहू ने बताया कि लंबे समय से मच्छरों की समस्या को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। साथ ही यह भी सामने आया कि नगर निगम द्वारा जोन स्तर पर उपलब्ध कराई गई फॉगिंग मशीनों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा था। कई वार्डों में मशीनें या तो बंद पड़ी थीं या कबाड़ में तब्दील होने की स्थिति में थीं, जिसके कारण नियमित फॉगिंग और दवा छिड़काव नहीं हो पा रहा था। इससे मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा था।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सभी जोनों में रखी फॉगिंग मशीनों को वापस मंगाकर खुद निगरानी में अभियान शुरू किया है। अब शहरी क्षेत्र ही नहीं बल्कि शहर के कोने-कोने और स्लम इलाकों में भी नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। खास बात यह है कि किसी प्रकार की लापरवाही या कामचोरी न हो, इसके लिए फॉगिंग के दौरान कर्मचारियों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई जा रही है, ताकि जवाबदेही तय की जा सके।श्याम साहू ने बताया कि जो मशीनें खराब हो चुकी थीं, उनकी मरम्मत कराकर फिर से उपयोग में लाया जा रहा है। साथ ही आधुनिक और अधिक प्रभावी फॉगिंग मशीनों की खरीदी के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है। नई मशीनें उपलब्ध होते ही अभियान को और तेज किया जाएगा। विभाग का दावा है कि इस बार मच्छरों के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर ठोस परिणाम दिखेंगे और शहरवासियों को राहत मिलेगी।




