ग्राम पंचायत खजूरी नवागांव, तखतपुर के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी वर्षों पुरानी मांग को फिर से दोहराया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्ष 2012 में एक मिडिल स्कूल भवन का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन इसके बाद से आज तक वहां शिक्षण कार्य शुरू नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते 12 सालों से वे लगातार स्कूल संचालन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी अनदेखी कर रहा है। गांव में मिडिल स्कूल नहीं होने के कारण बच्चों को मजबूरन 5-6 किमी दूर स्थित काठाकोनी या देवरीखुर्द स्कूल जाना पड़ता है। चूंकि इन गांवों तक पहुंचने के लिए राज मार्ग से गुजरना पड़ता है, जिससे अभिभावकों को हर समय यह डर बना रहता है कि कहीं उनके बच्चे सड़क हादसे का शिकार न हो जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल का संचालन समय पर शुरू हो जाता, तो बच्चों को इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। लेकिन प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण गांव के बच्चों को जोखिम भरा सफर तय करके शिक्षा ग्रहण करने जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते 12 वर्षों में वे कई बार विधायक, कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मिले, लेकिन उनकी समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं निकला। हर बार उन्हें आश्वासन ही मिला, लेकिन स्कूल संचालन को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अभाव में गांव का शैक्षिक स्तर लगातार गिरता जा रहा है। छोटे बच्चों को तो मजबूरी में प्राथमिक शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है। गांव के लोगों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मिडिल स्कूल संचालन की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर चक्का जाम करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी सालों पुरानी मांग पूरी नहीं की गई, तो आंदोलन किया जाएगा और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों की इस मांग ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या निर्णय लेता है।




