जेल में 15वां रोजा अफ्तार: बंदियों के बीच भाईचारे और नई जिंदगी की सीख…

छत्तीसगढ़ मुस्लिम विकास संघ की ओर से हर साल की तरह इस साल भी केंद्रीय आदर्श जिला जेल, बिलासपुर में 15वें रोजे का अफ्तार बंदी भाइयों के बीच खुशनुमा माहौल में संपन्न हुआ। इस मौके पर रोजा अफ्तार के बाद मगरिब की नमाज हाफिज अकरम रिज़वी ने अदा कराई।नगर निगम बिलासपुर के पार्षद अब्दुल इब्राहिम ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि रमज़ान का महीना गुनाहों से तौबा करने और खुद को सुधारने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे अपनी गलतियों से सीख लें, नेक राह पर चलें और जेल से बाहर निकलकर एक अच्छे इंसान की तरह नई जिंदगी की शुरुआत करें।कार्यक्रम में जेलर अमितेश साहू ने बंदियों के बीच भाईचारे और आत्मनिर्भरता की बात करते हुए जेल में चल रहे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बंदियों को इन प्रशिक्षणों का लाभ उठाकर रोजगार हासिल करने और समाज में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में लौटने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर अब्दुल फ़िरोज़ ख़ान, आसिफ़ मेमन, मजहर ख़ान और शाहिद मोहम्मद ने भी बंदियों को नेक रास्ते पर चलने और अपनी गलतियों से सबक लेकर एक नई शुरुआत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शोहेल खान, मोहम्मद आज़म, इलयास अहमद, विनोद ख़ान, शेख इमरान सहित जेल प्रशासन और बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। रमज़ान के इस पवित्र मौके पर बंदी भाइयों के बीच टोपी और तस्बीह वितरित की गई। कार्यक्रम का संचालन हाजी मज़हर ख़ान ने किया, जबकि अंत में छत्तीसगढ़ मुस्लिम विकास संघ के सचिव शाहिद मोहम्मद ने जिला प्रशासन, जेल प्रशासन और सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

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