
बिलासपुर जिले के ग्राम चिचिरदा से अवैध खनन को लेकर सुशासन तिहार में की गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग के निरीक्षक ने बिना सूचना के गांव आकर रविवार के दिन फर्जी पंचनामा तैयार किया और गांव के कुछ लोगों से जबरन दस्तखत करवा लिए। शिकायत के बावजूद अब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई है।ग्रामीणों के मुताबिक खसरा नंबर 348 और 358 में अवैध उत्खनन की शिकायतों के बाद 27 अप्रैल को माइनिंग इंस्पेक्टर राजू यादव बिना सीमांकन किए दस्तावेजों में झूठा पंचनामा बना गए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को सूचना देना भी जरूरी नहीं समझा। जब ग्रामीणों ने विरोध किया, तो अगली सुबह सीमांकन का आश्वासन दिया गया, लेकिन इंस्पेक्टर न तो आए, न ही फोन उठाया।28 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक पटवारी और ग्रामीण इंतजार करते रह गए। रवि कौशिक समेत ग्रामीणों ने कलेक्टर से सीमांकन आर.आई., पटवारी और तहसीलदार की उपस्थिति में कराए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुशासन तिहार में भी न्याय न मिले, तो फिर भरोसा किस पर किया जाए।




