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Tuesday, February 24, 2026
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छत्तीसगढ़ का संकल्प बजट पेश, 1.72 लाख करोड़ का विकास खाका समावेशी विकास से अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा और उद्योग पर बड़ा फोकस

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट पेश किया, जिसे संकल्प बजट का नाम दिया गया है। सरकार ने इसे विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला बताते हुए समावेशी विकास, अधोसंरचना विस्तार और रोजगार सृजन को प्रमुख प्राथमिकता बताया है। मुख्यमंत्री ने बजट को सुशासन से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन से प्रेरित है। बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासी समाज और गरीब वर्ग के सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।बजट के प्रमुख आधार स्तंभ SANKALP मॉडल पर रखे गए हैं, जिसमें समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, आजीविका और पॉलिसी से परिणाम तक की सोच शामिल है। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश में संतुलित और दीर्घकालिक विकास को गति मिलेगी।कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषक उन्नति योजना हेतु 10,000 करोड़ रुपये, किसानों के विद्युत पंपों पर बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़ रुपये तथा भूमिहीन कृषि मजदूरों के कल्याण के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये भी प्रस्तावित हैं। महिला एवं बाल विकास के तहत महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये और विभागीय योजनाओं के लिए 10,857 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

साथ ही संपत्ति पंजीयन शुल्क में महिलाओं को 50 प्रतिशत तक की छूट देने की घोषणा भी बजट का महत्वपूर्ण आकर्षण रही।स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा करते हुए कई नए मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और एजुकेशन सिटी स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। विश्वविद्यालयों को 731 करोड़ रुपये का अनुदान, उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष योजनाओं हेतु बजट रखा गया है।अधोसंरचना विकास के लिए नगर निगमों में 750 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग के लिए 9,450 करोड़ रुपये और सड़क संपर्क योजनाओं के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। साथ ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्क, पूंजी निवेश सब्सिडी और भूमि उपलब्धता के लिए अलग बजट रखा गया है। जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस करते हुए बस्तर और सरगुजा में विकास प्राधिकरण, शिक्षा, खेल, परिवहन, डिजिटल कनेक्टिविटी और पोषण योजनाओं के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। सरकार का दावा है कि यह बजट छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भरता और समृद्धि के नए दौर में ले जाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

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