
बिलासपुर :- त्योहारों के मौसम में शहर के चौक-चौराहों और मोहल्लों में डीजे की गूंज सुनाई देने लगी है, लेकिन समस्या यह है कि डीजे संचालक न्यायालय के निर्देशों को ताक पर रखकर अत्यधिक डेसीबल में ध्वनि विस्तारक यंत्र बजा रहे हैं। इससे शहरवासियों को पुरानी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।इसी बीच जन्माष्टमी की रात बिलासपुर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में धड़ाधड़ कार्रवाई की। कोतवाली थाना क्षेत्र सहित बेदीपारा और अन्य इलाकों में अत्यधिक आवाज में बज रहे डीजे को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने सभी संचालकों के खिलाफ कोलाहल अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जन्माष्टमी के मौके पर धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए रात दस बजे तक डीजे बजाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन उसके बाद जब डीजे संचालक नहीं माने, तो विधिवत कार्रवाई करते हुए डीजे बंद करवाकर मौके पर ही सीज कर दिया गया।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि डीजे का प्रयोग प्रतिबंधित है और नियमों का उल्लंघन करने पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। आने वाले दिनों में भी अगर डीजे संचालकों ने नियम तोड़े तो उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।




