
बिलासपुर में कांग्रेस पार्षद अमित भारते से जुड़ा जमीन विवाद अब एक नया मोड़ ले चुका है। जिस मामले में पार्षद पर अपनी ही दादी की जमीन धोखे से बेचने का आरोप लगा था, अब उसी दादी राजकुमारी भारते ने अपने पोते के पक्ष में बयान देकर पूरे घटनाक्रम को उलझा दिया है। मंगलवार को वे एसपी कार्यालय पहुंचीं और अपने पोते को निर्दोष बताते हुए ज्ञापन सौंपा। पिछले दिनों कांग्रेस पार्षद अमित भारते के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने अपनी दादी की जमीन हड़प ली है। लेकिन अब 70 वर्षीय राजकुमारी भारते ने खुद सामने आकर इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से अपने पोते नंदकुमार भारते के साथ रह रही हैं और जमीन विवाद में कुछ लोगों ने जबरन उन्हें अगवा कर, कोरे कागजों पर दस्तखत करवा लिए।राजकुमारी भारते ने अपने ज्ञापन में रशीद बक्श और सोनू माली नाम के दो व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक इन दोनों ने उनके परिवार को डराया-धमकाया, जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।

उन्होंने इसे परिवार की छवि को धूमिल करने और पार्षद को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया।अमित की दादी ने कहा कि मेरा पोता अमित निर्दोष है। कुछ लोग हमारी जमीन हड़पना चाहते हैं और झूठी शिकायत करवा दी।वहीं अमित के भाई रविशंकर खंडेय ने कहा कि मेरी दादी पर दबाव बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए गए हैं। अब वह खुद न्याय की गुहार लगाने सामने आई हैं। घटना के बाद अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या यह विवाद सिर्फ पारिवारिक है या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य भी छिपा हुआ है। राजकुमारी भारते ने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों को सुनकर न्याय की मांग की है। साथ ही कहा है कि जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर हो।फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में ये स्पष्ट होगा कि पार्षद अमित भारते पर लगे आरोपों में कितना दम है।




