
बिलासपुर– नगर निगम की संपत्तियों को कबाड़ में बेचने के मामले में वार्ड पार्षद ने नगर निगम आयुक्त को शिकायत की है तो वहीं अब इस मुद्दे पर नगर निगम की राजनीति गर्म हो गई है जिस पर महापौर ने जांच के आदेश दे दिए हैं जबकि जोन कमिश्नर ने इन सभी आरोपी को बेगुनियाद बताया है।नगर निगम बिलासपुर में एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब वार्ड पार्षद सीमा संजय सिंह ने जोन क्रमांक 2 के जोन कमिश्नर प्रवेश कश्यप पर निगम की संपत्तियों को कबाड़ियों को बेचने का आरोप लगाया। पार्षद का दावा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली और पानी के टैंकर जैसे निगम के महत्वपूर्ण संसाधनों को कबाड़ बताकर पहले मरम्मत के नाम पर गायब कर दिया गया और बाद में इनका सौदा कबाड़ियों से कर दिया गया।सीमा संजय सिंह के अनुसार, जब इन सामग्रियों को मरम्मत के लिए भेजा गया और महीनों तक वापस नहीं आया, तब उन्होंने पूछताछ की। लेकिन बार-बार गोलमोल जवाब दिए जाते रहे। अंततः जब इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर से शिकायत की गई, तो जांच में सामने आया कि यह सामग्री कबाड़ियों को बेच दी गई है।वहीं दूसरी ओर, जोन कमिश्नर प्रवेश कश्यप ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि जिन सामग्रियों को बेचने का आरोप लगाया जा रहा है, उन्हें निगम के पंप हाउस भिजवा दिया गया था और इसकी रिपोर्ट निगम कार्यालय में जमा है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोप लगने के बाद पुनः पूरी रिपोर्ट निगम कार्यालय को सौंप दी गई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर पूजा विधानी ने कहा कि उनके पास भी शिकायत आई है और उन्होंने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।नगर निगम के सभापति और पार्षद प्रतिनिधियों ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि निगम में तानाशाही का माहौल बनता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो यह स्पष्ट है कि निगम केवल वसूली तक सीमित रह गया है और जनहित की उपेक्षा हो रही है।जाहिर तौर पर इस मामले को अब नगर निगम गंभीरता से ले रहा है और पूरे मामले की जांच हो रही है लेकिन वास्तविकता में देखा जाए तो इस तरह के अगर वाक्या हो रहे हैं तो फिर यह चिंतनीय विषय है जिस पर नगर निगम प्रशासन को ध्यान देना होगा




