
राजधानी रायपुर के मांढरधरसीवां जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत टेकारी में सरपंच चंद्रकांत वर्मा पर हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस द्वारा दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद दूसरे पक्ष के परिजन और समर्थकों ने विधानसभा थाना का घेराव कर प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरपंच पद का दुरुपयोग कर सत्ता के दबाव में एकतरफा एफआईआर दर्ज कराई गई और वास्तविक तथ्यों की अनदेखी की गई।दूसरे पक्ष का आरोप है कि मड़ाई मेला के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान विवाद की शुरुआत सरपंच द्वारा बुलाए गए लोगों ने की थी और स्वयं सरपंच व उनके साथियों ने भी मारपीट की। यह पूरी घटना थाना परिसर के सामने हुई, जिसका CCTV फुटेज उपलब्ध होने का दावा किया गया, लेकिन पुलिस द्वारा फुटेज देने से इनकार किया जा रहा है। परिजनों का यह भी कहना है कि रात में नेटवर्क समस्या का हवाला देकर उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे उन्हें मजबूरन थाने का घेराव करना पड़ा।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परिस्थितियों के विपरीत गंभीर धारा 307 हत्या का प्रयास जोड़ी गई और जिनका विवाद से कोई लेना-देना नहीं था, उन्हें भी पुरानी रंजिश के चलते नामजद कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिला तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।




