
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर आज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने यातायात पुलिस का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस कर्मियों के अनुशासन, कार्यकुशलता और सजगता की बारीकी से जांच हुई, साथ ही टर्नआउट और तकनीकी ज्ञान पर विशेष फोकस किया गया। निरीक्षण की शुरुआत पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड से हुई, जहां अधिकारी-कर्मचारियों की टुकड़ियां बनाकर ड्रिल कराया गया।

यातायात मैनुअल अभ्यास के जरिए कर्मियों को नियमों के बेहतर पालन का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि सड़क पर वे और अधिक पेशेवर तरीके से ड्यूटी निभा सकें।सभी पुलिसकर्मियों के पहनावे, अनुशासन और कार्य व्यवहार का मूल्यांकन किया गया। जो कर्मी टर्नआउट और अनुशासन में अव्वल रहे, उन्हें मौके पर पुरस्कृत किया गया और यह उपलब्धि उनकी सर्विस बुक में दर्ज की गई।

वहीं, लापरवाह कर्मियों को चेतावनी देते हुए सुधार का समय दिया गया, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।यातायात पुलिस के सभी वाहनों, उनकी सफाई और रखरखाव की भी जांच हुई। वाहनों में मौजूद इमरजेंसी उपकरण जैसे मेडिकल किट, व्हील लॉक, रस्सी, ट्रैफिक कोन और जीवन रक्षक दवाओं की भी बारीकी से जांच की गई, ताकि मौके पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।निरीक्षण के दौरान कर्मियों ने शारीरिक यातायात संकेतों का प्रदर्शन किया, जिसमें दिशा सूचक चिन्ह, ट्रैफिक सिग्नल और कानूनों की व्याख्या शामिल थी।

एएसपी ने सभी को निर्देश दिया कि वे ट्रैफिक नियमों और तकनीकी यंत्रों की पूरी जानकारी रखें, ताकि हर परिस्थिति में तुरंत निर्णय लिया जा सके। कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया। लंबे समय तक खड़े रहने से होने वाली समस्याओं जैसे नसों में सूजन, वेरीकोज वेन और सांस की दिक्कतों पर चर्चा करते हुए सभी को स्वास्थ्य सजगता के लिए प्रेरित किया गया। 100 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस निरीक्षण में शामिल हुए और ड्यूटी के प्रति निष्ठा और समर्पण का संकल्प दोहराया।




