
बिलासपुर। तखतपुर थाना क्षेत्र से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले यहां अज्ञात परिस्थितियों में गौवंश का मांस बरामद होने के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में करीब 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। लेकिन अब ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को फंसाया है और यहां तक कि एक मृत व्यक्ति के नाम पर भी एफआईआर दर्ज कर दी है। ग्राम पंचायत भथर्रा के ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना है कि जिन लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया है, उनमें राजेश दयाल और मुकेश दयाल पूरी तरह से निर्दोष हैं। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस ने दोनों को जबरन मामले में फंसाया है।

इसके चलते गांव में आक्रोश का माहौल है।ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने एफआईआर में एक ऐसे व्यक्ति का नाम भी शामिल किया है जिसकी मौत 6 साल पहले हो चुकी है। यह चूक पुलिस की जल्दबाजी और लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सही तरीके से जांच की जाती तो ऐसी गंभीर गलती कभी नहीं होती इस मामले को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।उन्होंने मांग की कि निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और मृत व्यक्ति के नाम पर दर्ज एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए।अब देखना यह होगा कि पुलिस अधीक्षक इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं। लेकिन जिस तरह से मृत व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, उसने तखतपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं और ग्रामीणों के बीच अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है।




