तिफरा के बछेरापारा में डायरिया के प्रकोप से चार लोग बीमार हो गए हैं। वार्ड 8 चित्रकांत नगर वार्ड में तीन दिन पहले रामसाय निषाद, प्रियांशु साहू, मोहन साहू और उमेश मनहर को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। उल्टी-दस्त की शिकायत कुछ लोगों को थी, बाद में प्रभावितों की संख्या 20 से ऊपर पहुंच गई है। यह जानकारी मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को शिविर लगाया गया।

गर्मी की शुरुआत में ही डायरिया की शिकायत के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। इससे पहले भी तिफरा के अलावा चिंगराजपारा, चांटीडीह में डार्यारया की शिकायत आ चुकी है।
नाले, नालियों से गुजरी पाइप लाइनः कल्याण बाग के हैंडपंप से गंदा पानी आ रहा है। जल स्तर घटने के बाद नदी का पानी प्रदूषित होने के कारण आसपास के बोरिंग में प्रभाव पड़ रहा है। इसके चलते वार्ड के बोरिंग में गंदे पानी की समस्या आ रही है। नाले, नालियों के बीच से गुजरी पाइप लाइनों को भी बदलने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर मरीजो का इलाज किया और कहा कि नए मामले नहीं मिले हैं और जो बीमार है उनका इलाज किया जा रहा है। टंकियां से गंदा पानी लोगों के घरों में जा रहा है ,जिसकी सूचना भी संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। जब तक दूषित पानी की आपूर्ति नहीं रुकेगी बीमारी को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, इसके रोकथाम के लिए निगम सहित उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है ।

वार्ड वासियो का कहना हैं कोई भी मामला आने पर केवल दिखावे की कार्यवाही, सर्वे की जाती है ।बछेरापारा में डायरिया का मामला आने के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा और शिविर लगाने की औपचारिकता निभाई गई ,तो वही नितानिनो द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने की बात कही और बताया गया कि अब मामला थम गया है और जो प्रभावित है उनका इलाज किया जा रहा है।

वार्ड में नालियों की समस्या बहुत लंबे समय से हैं, नालियों से होकर पेयजल की पाइपलाइन गुजरी है जो घरों में गंदा पानी पहुंचा रही है। इस ओर वार्ड पार्षद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है, निगम में शिकायत के बावजूद भी अनदेखी की जा रही है लोगों का कहना है कि पहले निगम में शामिल नहीं था तब स्थिति अच्छी थी ,जब से निगम में शामिल हुआ है उसका लाभ नहीं मिल सका है।

गर्मी के शुरुआत में ही डायरिया के मामले सामने आने लगे है, नगरनिगम सीमा में जुड़े कुछ गांवों में गंदे पानी से लोगो के बीमार होने का क्रम बना हुआ है। ज्ञात हो कि यहां नियमित साफ सफाई नही होती, साथ ही पीने के पानी की पाइप लाइन नालियों से गुजर रही है, कई जगह पाइप जर्जर और लीकेज है, जिससे गंदा प्रदूषित पानी लोगो के घर तक पहुंच रहा है।




