
छत्तीसगढ़ में लगातार गौ रक्षा को लेकर गौ सेवकों के द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं होने पर अब गौर सेवकों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन कर सरकार को जगाने की कोशिश हो रही है इसी कड़ी में गैस को द्वारा तीन दिवसीय दंडवत यात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें मस्तूरी हनुमान मंदिर से बिलासपुर कलेक्ट्रेट एवम पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक दंडवत यात्रा करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया इस ज्ञापन में अपने 11 सूत्री मांगों से गौ सेवकों ने शासन को अवगत कराते हुए कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने, गौ तस्करी बंद करवाने, गौवंश बाजार बंद कराने,

बिलासपुर गौ सेवा धाम को सेवा भूमि प्रदान करने, लापरवाह डॉकटर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने सहित 24 घण्टे वेटनरी हॉस्पिटल खुले रखने की मांग गौ सेवकों के द्वारा की गई है तीन दिवस से इसे दंडवत यात्रा के पहले दो दिन तो सभी को शांतिपूर्वक संपन्न हुआ लेकिन तीसरे दिन जब बिलासपुर से कलेक्ट्रेट तक दंडवत यात्रा निकालने की शुरुआत हुई तो पुलिस ने अनुमति नहीं होने की बात कहते हुए यात्रा को रोक दी जिसके बाद गौ सेवकों का विरोध फूट पड़ा और इसके खिलाफ नारेबाजी होने लगी । इसके बाद अनुमति लेने की प्रक्रिया चलती रही लेकिन जब अनुमति नहीं मिली तो गौ सेवकों ने कलेक्ट्रेट को ज्ञापन सपना का निर्णय लिया और पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट पहुंचकर कलेक्टर को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।




