3 मार्च से शुरू हुई दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का समापन 21 मार्च, शुक्रवार को संस्कृत विषय की परीक्षा के साथ हुआ। परीक्षा के दौरान होली का त्योहार भी आया, लेकिन पढ़ाई और परीक्षा की तैयारियों के कारण विद्यार्थियों को त्योहार का आनंद पूरी तरह नहीं मिल सका। अब जब अंतिम परीक्षा समाप्त हो गई, तो विद्यार्थियों ने अपनी खुशी को अलग अंदाज में मनाया। परीक्षा केंद्रों के बाहर निकलते ही छात्र-छात्राएं एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर होली खेलते नजर आए। परीक्षा के तनाव से मुक्त होकर उन्होंने अपने दोस्तों के साथ इस पल का आनंद लिया और रंगों के साथ जश्न मनाया। ऐसा नज़ारा लगभग सभी स्कूलों में देखने को मिला, जहां विद्यार्थियों ने परीक्षा समाप्त होने की खुशी में एक-दूसरे को रंग लगाया और होली की शुभकामनाएं दीं। परीक्षा का बोझ अब खत्म हो चुका था, और हर विद्यार्थी के चेहरे पर उल्लास और आनंद झलक रहा था। बोर्ड परीक्षा के समाप्त होते ही छात्रों के चेहरों पर राहत और खुशी दोनों देखने को मिली। इस मौके पर कई विद्यार्थियों ने बताया कि वे अब कुछ दिनों तक पूरी तरह आराम करेंगे और होली का आनंद लेंगे, क्योंकि परीक्षा के चलते वे त्योहार का पूरी तरह लुत्फ़ नहीं उठा पाए थे। इस तरह, दसवीं की अंतिम परीक्षा के दिन विद्यार्थियों ने दोहरी खुशी मनाई एक ओर परीक्षा समाप्त होने की राहत थी, तो दूसरी ओर होली के रंगों की मस्ती।




