
बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नागपुरा में जल जीवन मिशन की स्थिति सवालों के घेरे में आ गई है। गांव में दो-दो पानी टंकियां होने के बावजूद ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। योजना के तहत काम अधूरा पड़ा है और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर गांव की सड़कों को खोदकर बदहाल हालत में छोड़ दिया गया है जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने सरपंच विनय कौशिक के नेतृत्व में कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नई पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन आज तक घरों तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। इससे गांव के लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए पानी की भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गांव के बीचों-बीच बनी पुरानी पानी टंकी अब जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। हैरानी की बात यह है कि यह टंकी बिना एक दिन भी पानी सप्लाई किए ही खतरनाक स्थिति में आ गई है। घनी आबादी के बीच स्थित होने के कारण इसके गिरने का खतरा बना हुआ है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की मुख्य सड़कों को खोद दिया गया लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों और लापरवाह ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाए नई टंकी से जल्द पानी की सप्लाई शुरू की जाए और जर्जर टंकी को हटाकर गांव को संभावित खतरे से राहत दिलाई जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर है




