
बिलासपुर। नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति के तहत कार्यरत 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पिछले 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से केवल आश्वासन मिलने के कारण कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। वेतन न मिलने की वजह से उनके सामने बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च पूरे करने में बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।जनवरी 2025 में उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने निगम को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों का नियमित रूप से वेतन भुगतान किया जाए। इसके बावजूद अब तक उन्हें वेतन नहीं मिल पाया। निगम प्रशासन का तर्क है कि फाइल शासन स्तर पर अटकी हुई है, जिसके कारण राशि जारी नहीं हो पा रही है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को मजबूरी में कर्ज लेना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। घर का खर्च उठाने में असमर्थ होने के कारण मानसिक तनाव भी बढ़ गया है। कर्मचारियों ने साफ कहा कि सिर्फ आश्वासन से उनका जीवन नहीं चल सकता, उन्हें तत्काल भुगतान चाहिए।कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री से लिखित आवेदन के जरिए गुहार लगाई है कि उन्हें शीघ्र ही बकाया वेतन का भुगतान किया जाए। यदि उनकी मांग जल्द पूरी नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में निगम आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि शासन से फाइल वापस आने के बाद कर्मचारियों को एकमुश्त राशि दी जाएगी। फिलहाल सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। कर्मचारियों को भरोसा दिलाया गया है कि वेतन भुगतान जल्द किया जाएगा। हालांकि, कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है और वे जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।




