
ग्राम परसदा में अवैध प्लाटिंग और पर्यावरण प्रदूषण का गंभीर मामला सामने आया है। गांव में अव्यवस्थित बसाहट के चलते कॉलोनी का गंदा पानी सीधे निस्तारी तालाब में छोड़ा जा रहा है, जिससे तालाब का पानी पूरी तरह दूषित हो गया है। ग्रामीणों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि ए.आर. इंफ्रा रियल एस्टेट के नाम पर बिना ले-आउट स्वीकृति और रेरा रजिस्ट्रेशन के कृषि और शासकीय भूमि पर अवैध प्लॉट काटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, इन प्लॉट्स की खुलेआम खरीद-बिक्री भी जारी है। कॉलोनी का सीवरेज सीधे तालाब में बहाने से गांव में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोग तालाब के पानी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।महिलाओं ने भी इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है।

उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में निस्तारी तालाब का पानी दैनिक जरूरतों के लिए अहम होता है, लेकिन अब उसमें नाली का गंदा पानी मिल जाने से स्थिति और खराब हो गई है। ग्रामीणों ने इसे तुरंत बंद कराने की मांग उठाई है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस अवैध प्लाटिंग में जनपद पंचायत सदस्य का संरक्षण मिल रहा है। साथ ही ग्राम सभा की अनुमति और नक्शा पास कराए बिना निर्माण किया जा रहा है। मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है, जिसके बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।




