अपने दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने और उन्हें अर्पण तर्पण देने का पर्व महालया बुधवार को मनाया गया। पितृपक्ष की अंतिम तिथि पर अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता जताते हुए उन्हें अर्पण, तर्पण, पिंडदान प्रदान करते हुए श्राद्ध किया गया। सुबह लोग नदी और जलाशयो में पहुंचे ,जहां विधि विधान के साथ तर्पण किया गया। वही पूजा पाठ और विभिन्न अनुष्ठान के साथ विधि विधान पूर्वक पूर्वजों का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई । इस अवसर पर ब्रह्म भोज के साथ निर्धनों को भोजन कराया गया।

पितृ अमावस्या के अवसर पर पितरों को विदाई दी गई। सुबह से ही अरपा नदी में पितरों को विदाई देने उनके परिवार जनों के लोग पहुंचते रहे। पितृ तर्पण कर उनको सुखद विदाई देते हुए उनसे आशिर्वाद लिया।इस मौके पर पितृ तर्पण की सामग्री हाथों में लिए और उनको अर्पण किए जाने वाले भोग को विसर्जित कर उनके परिवार जनों ने पितृ अमावस्या को संपन्न किया। वहीं गुरुवार से नवरात्र की शुरुआत होगी इसके लिए भी तैयारी पूर्ण कर ली गई है।





