
बिलासपुर में शासन से मुआवज़ा पाने के लिए एक सुनियोजित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। सांप के काटने से मौत दिखाकर सरकारी राशि हड़पने वाले गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि ऐसे एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों मामलों की जांच की जा रही है। मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम पोंणी का है।जहां ग्राम पोंणी निवासी शिवकुमार घृतलहरे की मौत 14 नवंबर 2023 को हो गई थी। परिजनों ने दावा किया कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।परिजन शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर की मिलीभगत से झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनवाई गई। रिपोर्ट में सांप के काटने का कारण दर्शाया गया और इस आधार पर शासन से 3 लाख रुपए की मुआवज़ा राशि प्राप्त कर ली गई।शासन को जब मामले पर संदेह हुआ तो इसकी जांच के आदेश दिए गए। एसएसपी रजनेश सिंह ने विशेष टीम गठित कर पूरे मामले की गहन जांच शुरू कराई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।पुलिस जांच में साफ हुआ कि मृतक की मौत सांप के काटने से नहीं बल्कि अत्यधिक शराब सेवन और जहर सेवन की वजह से हुई थी।

बावजूद इसके, परिजनों ने पैसे के लालच में झूठी कहानी गढ़ी।इस साजिश में मृतक का पिता, भाई, पत्नी, बहन और डॉक्टर सभी शामिल पाए गए। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ IPC की गम्भीर धाराओं 420, 511, 120बी के तहत अपराध दर्ज किया है।एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि सिर्फ यह एक मामला नहीं है। जांच में ऐसे एक दर्जन से ज्यादा मामलों के सुराग मिले हैं, जिसमें इसी तरह झूठे कारण बताकर शासन से आर्थिक लाभ लिया गया है।उन्होंने कहा कि इन मामलों पर विशेष संज्ञान लिया गया है और हर एक केस की गहन जांच की जा रही है। बहुत जल्द इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ प्रशासनिक सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि ये संकेत भी कि अब शासन से फर्जी तरीके से सहायता राशि हथियाने वालों की खैर नहीं। आने वाले समय में ऐसे और खुलासे हो सकते हैं।




