छत्तीसगढ़ के एक नामी फुटबॉल खिलाड़ी का असली खेल अब ठगी के मैदान में उजागर हुआ है। मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर छह बेरोजगार युवकों से 55 लाख 80 हजार रुपये की ठगी करने वाले जावेद खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह परिहार ने बताया कि तखतपुर निवासी दीपक राजपूत पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान रेलवे कॉलोनी निवासी जावेद खान से हुई। जावेद ने खुद को मंत्रालय में ऊंची पहुंच वाला बताते हुए सरकारी नौकरी दिलाने का दावा किया। नौकरी के लालच में आकर दीपक ने उसे 6 लाख रुपये दे दिए।जावेद ने दीपक को भरोसे में लेकर उसके कुछ अन्य बेरोजगार परिचितों सूरज,अवनीश, जगमीत और प्रताप से भी संपर्क कराया।सभी को सरकारी नौकरी का झांसा देकर उसने लाखों रुपये ऐंठ लिए।कुल मिलाकर, जावेद ने 6 बेरोजगार युवकों से 55 लाख 80 हजार रुपये वसूले।जब काफी समय बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिली, तो ठगे गए युवकों ने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की। लेकिन जावेद ने अपना मोबाइल बंद कर लिया और फरार हो गया। आखिरकार, युवकों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गौर करने वाली बात ये है कि गिरफ्तार आरोपी जावेद खान कोई आम ठग नहीं, बल्कि एक शानदार फुटबॉल खिलाड़ी है। वह छत्तीसगढ़ की ओर से पांच बार संतोष ट्रॉफी खेल चुका है। इतना ही नहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने उसे फुटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शहीद वीर पंकज सिंह अवार्ड और 25 हजार रुपये का इनाम भी दिया था।फिलहाल पुलिस की जांच में सामने आया है कि जावेद ने और भी कई बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर झांसे में लिया है।उसकी गिरफ्तारी के बाद संभावना जताई जा रही है कि और भी लोग सामने आ सकते हैं और अलग अलग थानों में उसके खिलाफ नए मामले दर्ज हो सकते हैं।




