
छत्तीसगढ़ में चल रहा एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और गुरुवार को इसका औपचारिक समापन भी हो गया। लेकिन इसके खत्म होते-होते कई गंभीर गड़बड़ियां भी सामने आने लगी हैं। ऐसी ही एक बड़ी त्रुटि ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। दरअसल बिलासपुर के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी का नाम भिलाई विधानसभा के मतदाता सूची में दर्ज पाया गया, जबकि वे वर्षों से बिलासपुर के स्थायी मतदाता रहे हैं।इस खुलासे के बाद गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में विजय केसरवानी ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि 1992 में उन्होंने बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्षद का चुनाव लड़ा था, ऐसे में उनका नाम भिलाई विधानसभा में दर्ज होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे सरकार की साजिश बताते हुए कहा कि जब वरिष्ठ नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम दूसरी विधानसभा में भेजे जा सकते हैं, तो आम जनता के नाम काटे जाने की आशंका और भी बढ़ जाती है।केसरवानी ने कहा कि यह सिर्फ एक त्रुटि नहीं बल्कि एसआईआर प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल है। हालांकि मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गलती बताते हुए सुधार दिया, लेकिन कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। पार्टी का कहना है कि अगर ऐसी गलतियां होती रहीं तो एसआईआर का पूरा उद्देश्य ही प्रभावित होगा। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार तुरंत संज्ञान ले, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर वास्तविकता के साथ पूरा कराए।




