
बिलासपुर, शहर के मुख्य मार्गों में से तारबाहर स्थित अंडर ब्रिज की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। इस अंडर ब्रिज के अंदर मवेशियों का जमावड़ा इतना बढ़ गया है कि अब यह मार्ग लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आवागमन में रोजाना दिक्कतें सामने आ रही हैं और लोग जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। अंडर ब्रिज में मवेशियों की भारी मौजूदगी के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन रही है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि राहगीरों को रुककर मवेशियों को हटाना पड़ता है या फिर वाहन चालकों को खुद रास्ता बनाकर निकलना होता है।

हालात तब और गंभीर हो जाते हैं जब किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य जरूरी वाहन इस रास्ते में फंस जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, वर्षों से यही हाल बना हुआ है। जिम्मेदार अधिकारी केवल औपचारिक कार्रवाई कर मवेशियों को हटाने की खानापूर्ति करते हैं, लेकिन उनकी स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, जिससे मवेशी कुछ ही समय में फिर उसी स्थान पर लौट आते हैं। बरसात के मौसम में तो यह अंडर ब्रिज कीचड़ और गोबर से पूरी तरह भर जाता है। चारों तरफ फैली गंदगी से न सिर्फ बदबू फैलती है बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। बाइक सवार व पैदल यात्री अक्सर इस फिसलन भरे मार्ग पर फंस जाते हैं, जिससे असुविधा के साथ-साथ चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मवेशियों के लिए यदि नगर निगम उचित व्यवस्था करे, तो इस अंडर ब्रिज की स्थिति में सुधार आ सकता है। परंतु अफसोस की बात है कि जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जनता ने प्रशासन से मांग की है कि इस मुख्य मार्ग की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और स्थायी समाधान के लिए मवेशियों के लिए आश्रय गृह की व्यवस्था की जाए। साथ ही अंडर ब्रिज की नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके और यातायात सुचारू रूप से चल सके।




