शहर में धर्म परिवर्तन का एक और मामला सामने आया है, जहां प्रार्थना सभा की आड़ में भोले-भाले हिंदुओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश है और वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना राजेंद्र नगर चौक स्थित कृति भवन की है, जहां गुरुवार शाम मसीही समाज द्वारा एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में हिंदुओं को भी आमंत्रित किया गया था। लेकिन आरोप है कि सभा के दौरान धर्म प्रचार के नाम पर वहां मौजूद हिंदुओं का ब्रेनवॉश किया जा रहा था और उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। यहां कम उम्र की यूवतियों को ट्रेनिंग देकर हिंदुओं को बरगलाकर किसी तरह सभा में लाने और फिर उनका ब्रेनवाश करने की योजना पर काम चल रहा था। आरोप यह भी है कि कुछ लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था।जब यह खबर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं तक पहुंची, तो वे मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच बहस भी हुई। स्थिति बिगड़ती इससे पहले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामला शांत कराया।सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए क्रिश्चन समाज के जी जॉय डेनियल, आशीर्वाद बघेल और सुहास इन तीनो को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है। इन पर आरोप है कि इन्होंने प्रार्थना सभा के नाम पर हिंदुओं को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया। एक पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।बिलासपुर में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ जारी है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि बिलासपुर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शहर में धर्मांतरण को लेकर बढ़ती घटनाओं से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है।हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।




