
बिलासपुर में बढ़ते अपराध और अब सामने आए सुपारी किलिंग के कथित मामले ने शहर की फिजा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पहला मौका है जब पुलिस जांच में संगठित आपराधिक नेटवर्क और राजनीतिक कनेक्शन की परतें खुलने का दावा किया जा रहा है। हम बात कर रहे हैं उस खुलासे की, जिसने बिलासपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बीते दिनों शहर में एक ज्वेलर्स के साथ लूट की वारदात के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी जांच के दौरान जब संदिग्ध गिरफ्त में आए, तो पूछताछ में ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे पुलिस भी चौंक गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि मौजूदा एमआईसी सदस्य और पार्षद बंधु मौर्य को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर सुपारी दी गई थी। आरोप है कि यह सुपारी भाजपा से जुड़े पदाधिकारी राजू सोनकर द्वारा दी गई।हालांकि, इस कथित साजिश में बंधु मौर्य को कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर को उन पर हमला करने की कोशिश की गई थी। बंधु मौर्य के मुताबिक, समय रहते वाहन की रफ्तार बढ़ाने से वे सुरक्षित निकल गए।

इसके बाद पुल पर भी तीन–चार बार ऐसे प्रयास हुए, जिनसे वे बचते रहे। पूरे मामले की जड़ एक किराए के मकान को बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, बंधु मौर्य ने राजू सोनकर को मकान किराए पर दिया था। बाद में घर में बाहरी तत्वों की आवाजाही को लेकर आपत्ति जताते हुए मकान खाली करने को कहा गया। इसी बात पर विवाद बढ़ा, हंगामा हुआ और मकान खाली तो कर दिया गया, लेकिन कथित तौर पर धमकी भी दी गई। उस समय इसे हल्के में लिया गया, मगर अब पुलिसिया खुलासे के बाद मामला गंभीर हो गया है। हालांकि अब बंधु मौर्य का मामला सामने आने के बाद सब्जी संघ के सदस्य भी पुलिस प्रशासन से इस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं क्योंकि संघ के सदस्यों में भी इसे लेकर चिंता है। पुलिस पूछताछ के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं बंधु मौर्य ने पार्टी फोरम पर कड़ी कार्रवाई की मांग के साथ-साथ प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिलासपुर में अपराध के बढ़ते नेटवर्क और राजनीति में अपराधी तत्वों की कथित घुसपैठ पर बहस तेज कर दी है। अब देखना होगा कि जांच किस दिशा में जाती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।




