
बिलासपुर रेलवे स्टेशन के नए आरक्षण केंद्र में चोरी की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। भले ही स्टेशन के पास आरपीएफ का जोनल मुख्यालय और तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं, फिर भी चोर ने स्टेशन परिसर के भीतर आसानी से सेंधमारी कर दी। नकाबपोश चोर ने आरक्षण केंद्र के रोशनदान से भीतर प्रवेश किया और अंदर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को घुमा दिया, ताकि उसकी पहचान न हो सके। इसके बाद उसने काउंटरों के दराज खोलकर लगभग पांच सौ रुपए की नकदी चुराई और फरार हो गया।घटना स्थल आरपीएफ पोस्ट से महज कुछ ही दूरी पर है, फिर भी चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि अमृत भारत योजना के तहत निर्माण कार्य के कारण रेलवे आरक्षण केंद्र को गेट नंबर एक से हटाकर टीटीई रेस्ट रूम के पास अस्थायी तौर पर स्थानांतरित किया गया था, जहां सुरक्षा की कमियों का फायदा उठाकर चोर ने घटना को अंजाम दिया।

इस वारदात ने स्टेशन की सुरक्षा प्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।घटना के बाद आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल सवाल यह है कि जब आरक्षण केंद्र और चोर के भागने का रास्ता आरपीएफ पोस्ट के बेहद करीब है, तब भी ऐसी लापरवाही कैसे हुई? यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा को लेकर अब कड़ी निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है।




