मरवाही वनमंडल के जंगलों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला मटियाडाँड़ क्षेत्र का है, जहां बीती रात भीषण आग लग गई, जिसने बड़ी मात्रा में वनस्पति को नष्ट कर दिया और जंगल में रहने वाले वन्यजीवों के लिए संकट खड़ा कर दिया।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आग के पीछे महुआ बीनने वाले लोग या असामाजिक तत्व हो सकते हैं। गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं, लेकिन इस बार वन विभाग आग पर काबू पाने में नाकाम साबित हो रहा है। इस आग से न केवल प्राकृतिक संपदा को नुकसान हो रहा है, बल्कि यह जंगलों में रहने वाले जीव-जंतुओं के लिए भी खतरा बन चुकी है।पर्यावरणविदों का कहना है कि लगातार हो रही इन आग की घटनाओं से पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे दीर्घकालिक प्रभाव भी हो सकते हैं।




