मसानगंज में इस साल दुर्गोत्सव के दौरान भक्तों को मातारानी के दिव्य दर्शन के साथ एक खास अनुभव भी मिलेगा। मां की श्वेत प्रतिमा के साथ पूरा दरबार चाकलेट से सजा होगा। 108 प्रकार के दो लाख 11 हजार चाकलेट से पंडाल का निर्माण हो रहा है। जहां तितलियां उड़ते हुए नजर आएंगी। भक्तों को प्रसाद में भी चाकलेट बंटेगा। मसानगंज में आस्था और स्वाद का एक अनोखा संगम देखने को मिलेगा। यह दुर्गोत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं। एक अद्वितीय अनुभव भी देगा। जहां भक्तों को माता का आशीर्वाद चाकलेट के प्रसाद के रूप में प्राप्त होगा। बता दें कि समिति हर साल एक नए थीम के साथ पंडाल का निर्माण करती है। पिछले साल यहां अखबार से पंडाल बनाया गया था। जिसने राज्यभर में अपनी अनोखी कारीगरी के लिए प्रसिद्धि पाई थी। लोग दूर-दूर से इसे देखने आए थे।समिति के अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष माता की प्रतिमा को तितली के रूप में स्थापित किया जा रहा है। यह प्रतिमा पूरी तरह से श्वेत थीम पर होगी। जिसमें उड़ती हुई तितलियां माता के चारों ओर नजर आएंगी।समिति के सचिव ने बताया कि, इस भव्य पंडाल को करीब 3000 वर्गफुट क्षेत्र में बनाया जा रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि विसर्जन के दिन झांकी निकलने के साथ पूरे शहर को यह चाकलेट बांटा जाएगा। बच्चों को पहली प्राथमिकता मिलेगी।


भक्तों के लिए यह एक अद्वितीय अनुभव होगा।पंडाल की डिजाइन को और भी भव्य बनाने के लिए रंग-बिरंगे चाकलेट का प्रयोग किया जाएगा। बहरहाल मां के दरबार को सजाने के लिए कोलकाता से कारीगर आकर काम शुरू कर चुके हैं। जो लगातार चाकलेट का थ्री प्रिंट लेकर एक संरचना बना रहे हैं। वहीं बिलासपुर के मूर्तिकार सुजीत सूत्रधर द्वारा मां की प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।जो पिछले कई वर्षों से अपनी उत्कृष्ट कला के लिए जाने जाते हैं।फिलहाल अपनी 56वीं वर्षगांठ पर ऐसा पंडाल तैयार करने का बीड़ा उठाया है, जो श्रद्धा के साथ मीठी यादों को जोड़ देगा। समिति के दीपक दीक्षित ने बताया कि, दो लाख 11 हजार चाकलेट से सजा यह पंडाल न केवल भक्तों के दिलों में उत्साह का संचार करेगा। तितली के रूप में माता की अद्भुत प्रतिमा देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाएगा।




