मस्तूरी क्षेत्र के किसानों को इस समय गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। लगातार गिरते भूजल स्तर और टेल एरिया में सिंचाई जल की अनुपलब्धता के चलते किसानों की फसलें खतरे में पड़ गई हैं। इस विकट परिस्थिति को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 11 ने कलेक्टर को पत्र लिखकर खूंटाघाट जलाशय से तत्काल पानी छोड़ने की मांग की है। वर्तमान में रबी फसलों को पर्याप्त सिंचाई की जरूरत है, लेकिन पानी की किल्लत के कारण किसान अपनी मेहनत से तैयार की गई फसलों को बचाने में असमर्थ हो रहे हैं। क्षेत्र के नलकूप और अन्य जलस्रोत सूखने की कगार पर हैं,जिससे हालात और भी विकट होते जा रहे हैं।विशेष रूप से टेल एरिया के किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई जल की उपलब्धता न होने के कारण उनकी फसलें सूख रही हैं, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ सकती है।किसानों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत सदस्य ने प्रशासन से मांग की है कि खूंटाघाट जलाशय से जल्द से जल्द पानी छोड़ा जाए। इससे न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि उनकी फसलें भी सुरक्षित रह सकेंगी। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है। मस्तूरी क्षेत्र में बढ़ते जल संकट को लेकर किसानों की चिंताएं गहरी होती जा रही हैं। भूजल स्तर में गिरावट और टेल एरिया में सिंचाई जल की कमी ने फसलों को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। जिला पंचायत सदस्य ने कलेक्टर से खूंटाघाट जलाशय से तुरंत पानी छोड़ने की अपील की है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है।




