
धार्मिक आस्था के प्रतीक भारत में त्योहारों का विशेष महत्व है, जहां श्रद्धा और भक्ति के साथ लोग देवी-देवताओं की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर 19 मार्च से 27 मार्च तक जिलेभर के दुर्गा मंदिरों में भक्ति और उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिला। नौ दिनों तक चले इस महापर्व में भक्तों ने जस गीत, पूजा-अर्चना और जवारा बोकर माता रानी की आराधना की। सरकंडा अशोकनगर स्थित मां बगदाई मंदिर में भी नौ दिनों तक विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पूरे नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।नवरात्रि के अंतिम दिन नवमी तिथि पर मंदिर में विधि-विधान से हवन पूजन किया गया, जिसके बाद कन्या पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान नौ कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया गया। मंदिर समिति की ओर से कन्याओं को उपहार भी भेंट किए गए। इसके साथ ही ब्राह्मण भोज का आयोजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। मंदिर में इस बार करीब 500 से अधिक ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए, जिनकी सेवा मंदिर के सेवादारों ने पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ की। पिछले 22 वर्षों से यह परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। मां बगदाई मंदिर की बढ़ती आस्था को देखते हुए अब मंदिर समिति द्वारा एक नए भवन का निर्माण भी कराया जा रहा है, जहां भविष्य में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। कुल मिलाकर चैत्र नवरात्रि के इस पावन पर्व ने एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का संदेश दिया।




