प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर में इस बार देवभोग घी से मनोकामना ज्योतिकलश प्रज्जवलित होंगे। तिरुपति में विवादित घी के बखेड़े के बाद छत्तीसगढ़ के शक्तिपीठ इसे लेकर सतर्क हो गए हैं। शासन ने भी इसके लिए सर्कुलर जारी कर कलेक्टरों को निर्देशित किया है। जिसके बाद अब इस पर अमल करने की कवायद शुरू हो गई है। बिलासपुर के प्रसिद्ध शक्तिपीठ रतनपुर मां महामाया मंदिर समिति ने आगामी नवरात्र में देवभोग घी से मनोकामना ज्योति कलश प्रज्जवलित करने और प्रसाद बनाने का निर्णय लिया है। इसी तरह अन्य बड़े देवी मंदिरों में इस पर अमल करने कवायद चल रही है। दरअसल, आगामी दिनों में शारदीय नवरात्र की शुरुवात होनी है।

ऐसे में प्रदेशभर के तमाम प्रमुख प्रसिद्ध शक्तिपीठों के साथ मंदिरों में आस्था के दीप जगमगाएंगे और मनोकामना ज्योतिकलश प्रज्जवलित होंगे। जिसे लेकर इस बार सरकार और मंदिर समितियां खास सतर्कता बरतने जा रही हैं। तिरुपति में बीते दिनों विवादित घी को लेकर हुए बखेड़े को देखते हुए खास तौर पर घी की शुद्धता और प्रामाणिकता पर फोकस है। सरकार ने ऐसे किसी भी विवाद से बचने सभी शक्तिपीठों में देवभोग घी के इस्तेमाल करने का सर्कुलर जारी किया है। इसके लिए सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है।





