
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच एक सकारात्मक पहल सामने आई है। बस्तर संभाग के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आत्मसमर्पण करने वाले 140 नक्सलियों को राज्य सरकार ने मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से नई राजधानी स्थित विधानसभा का दौरा कराया। यह पहल उनके जीवन में बदलाव की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।सरकार द्वारा विशेष व्यवस्था करते हुए बसों के माध्यम से सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को विधानसभा लाया गया, जहां उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को करीब से देखा और समझा। इस दौरान उन्हें विधानसभा की कार्यवाही से अवगत कराया गया, जिससे लोकतंत्र के प्रति उनकी समझ और विश्वास को मजबूत किया जा सके।विधानसभा परिसर में इन पुनर्वासित नक्सलियों से विष्णु देव साय ने मुलाकात की और उनसे सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उनके अनुभव सुने, साथ ही उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की सराहना की। नक्सलियों ने भी अपने संघर्ष और बदलाव की कहानी साझा की।इस पहल का मुख्य उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में मजबूती से जोड़ना और उन्हें लोकतंत्र की ताकत से परिचित कराना है। सरकार का मानना है कि ऐसे प्रयास न केवल पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूत करेंगे, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




