सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ज़मीन सौदे के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। भाटापारा निवासी विनय माखीजा से 30 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ है, जिसमें आरोपी ने विश्वास में लेकर न केवल एडवांस राशि ली, बल्कि अंत में उसी ज़मीन को किसी और के नाम पर रजिस्ट्री करवा दिया।जानकारी के अनुसार, विनय माखीजा की मुलाकात अनिल गुलहरे से पहले से थी, जिसके चलते मौजा सकरी स्थित खसरा नंबर 742, रकबा 4796 वर्गफुट की ज़मीन का सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ। यह ज़मीन अनिल गुलहरे और अंजू जायसवाल के संयुक्त स्वामित्व में थी और अनिल के पास इस पर अधिकार जताने वाला मुख्तियारनामा भी था। 27 नवंबर 2024 को नोटरी के जरिए सौदे की सहमति बनी, जिसके तहत विनय ने कुल 1.58 लाख रुपये बतौर अग्रिम राशि अदा की।सौदे के अनुसार तीन माह के भीतर रजिस्ट्री होनी थी। तय तारीख 24 फरवरी 2025 को विनय ने रजिस्ट्री के लिए स्टांप और 27.70 लाख रुपये के तीन चेक अनिल को सौंप दिए। लेकिन रजिस्ट्री ऑफिस ले जाने के बहाने अनिल मौके से भाग निकला। विनय को तब गहरा झटका लगा जब यह पता चला कि उसी ज़मीन की रजिस्ट्री 28 फरवरी को वरुण सामनानी नामक व्यक्ति के नाम पर कर दी गई है।पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आरोपी अनिल गुलहरे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




