
रायपुर के हेलीपेड ग्राउंड से सटे क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब खुले इलाके में सैकड़ों की संख्या में पीपीटी कीट पड़े हुए मिले। स्थानीय लोगों की नजर जब इन कीटों पर पड़ी तो तुरंत इसकी सूचना आसपास के रहवासियों और जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई गई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, सभी कीट एक ही तरह के पैकेट में थे, जिन पर एमआरपी 1800 रुपये अंकित है। इतने महंगे कीटों का इस तरह खुले में पड़ा होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।बताया जा रहा है कि ये पीपीटी कीट कृषि उपयोग में लाए जाते हैं और इनका भंडारण व वितरण तय नियमों के तहत किया जाना अनिवार्य होता है। ऐसे में बिना किसी सुरक्षा और निगरानी के सार्वजनिक स्थल के पास इनका मिलना खतरे की घंटी माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यदि ये कीट जहरीले या प्रतिबंधित श्रेणी के हुए, तो इससे आमजन और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि हेलीपेड जैसे संवेदनशील इलाके के पास इस तरह की लापरवाही सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। वहीं, मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभागों की भूमिका भी चर्चा में है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये कीट किसके हैं, यहां कैसे पहुंचे और इन्हें किस उद्देश्य से रखा गया था।अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। देखने वाली बात यह होगी कि यह मामला आगे चलकर क्या बड़ा खुलासा करता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।




