बिलासपुर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में गंभीर लापरवाही देखने को मिली, जिसके चलते कार्यशाला को स्थगित करना पड़ा। यह कार्यशाला नगर निकाय के प्रतिनिधियों, विशेष रूप से महापौर और पार्षदगण के लिए आयोजित की गई थी। कार्यक्रम का आयोजन बिलासपुर स्थित एक निजी होटल में किया गया था, जिसमें नगर के जनप्रतिनिधियों को स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी जानी थी। कार्यशाला का निर्धारित समय सुबह 11:00 बजे तय किया गया था, लेकिन जब महापौर पूजा विधानी अपने पार्षदों के साथ 12:00 बजे कार्यशाला स्थल पर पहुंचीं, तो वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। महापौर ने कुछ देर अधिकारियों का इंतजार भी किया, लेकिन जब लंबे समय तक कोई भी संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचा, तो वे नाराज हो गईं। महापौर पूजा विधानी ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा,यह किस तरह का आयोजन है किसी कार्यशाला का आयोजन करना और खुद वहां उपस्थित न होना कहाँ की समझदारी है उनके साथ आए सभी पार्षदगण ने भी इस कुप्रबंधन पर सवाल उठाए और इसे नगर निकाय प्रतिनिधियों का अपमान बताया। अंततः महापौर और पार्षदगण कार्यशाला स्थल से लौट गए, जिससे कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। नगर निगम प्रतिनिधियों ने इस घटना को स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही करार दिया और कहा कि यदि अधिकारियों को समय का ध्यान नहीं था, तो कार्यक्रम आयोजित करने का क्या मतलब था? इस घटना से राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की कार्यप्रणाली और उसकी योजनाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह देखना होगा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में इस तरह की गलतियों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।




