
बिलासपुर रेलवे स्टेशन स्टैंड पर चल रही दबंगई का सच सामने आने के बाद हालात पलट गए हैं। वायरल वीडियो में स्टैंड के कर्मचारी को पुलिस का नाम लेकर आम लोगों को धमकाते और पप्पू श्रीवास का हवाला देते देखा गया, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों के भीतर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने खुद दखल देते हुए सख्त निर्देश जारी कर दिए। पुलिस कार्रवाई इतनी तेज हुई कि धमकी देने वाला नाम चर्चा से सीधे हिरासत तक पहुंच गया। वायरल वीडियो ने पूरे मामले की कहानी बदल दी। स्टेशन के स्टैंड पर कर्मचारी खुलेआम यह कहते सुने गए कि किसी भी थानेदार से पप्पू श्रीवास का नाम पूछ लो सब जानते हैं।

वीडियो में कर्मचारियों ने कहा कि तोरवा थाना ही मोटरसाइकिल स्टैंड चलाता है। वीडियो में दबंग रवैया, पुलिस का नाम लेकर भय फैलाना और खुद को अजेय बताने वाला अंदाज़ साफ नज़र आया। मामला जब अधिकारियों तक पहुंचा, तो एसएसपी ने बिना वक्त गंवाए पप्पू श्रीवास को हिरासत में लेने का आदेश दिया। इसके साथ ही स्टैंड के संचालक और कर्मचारियों पर भी जांच का शिकंजा कस चुका है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि स्टेशन परिसर में धौंस, धमकी और पुलिस की छवि का दुरुपयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रेलवे स्टेशन स्टैंड विवाद ने नया मोड़ लेते हुए शहर में हलचल मचा दी है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कर दिया कि स्टेशन में स्टैंड संचालन केवल रेलवे की टेंडर प्रक्रिया से होता है, न कि किसी दबंग नाम पर। ऐसे कर्मचारी जो लोगों को डराकर दबाव बनाते हैं, वे अब कानून के सीधे निशाने पर आ चुके हैं। एसएसपी ने तोरवा पुलिस को भी निर्देश दिया है कि स्टैंड संचालक और उसके गुंडागर्दी करने वाले कर्मचारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। पप्पू श्रीवास का नाम लेकर डराने वालों की हेकड़ी अब पूरी तरह निकल चुकी है। और थाने से ही पप्पू श्रीवास ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है।




