
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने ‘नगर सुराज संगम’ कार्यशाला में नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अध्यक्षों को शहरों के सुव्यवस्थित विकास का रोडमैप पेश किया। डेढ़ घंटे के अपने प्रेजेंटेशन में उन्होंने स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति, कर संग्रहण, शहरी परिवहन, स्ट्रीट लाइटिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रभावी कार्ययोजना साझा की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे शहरवासियों को परिजन मानते हुए उनकी सुविधाओं को प्राथमिकता दें और विकास को जनसहभागिता से आगे बढ़ाएं।श्री साव ने कहा कि नगर निकायों को अब तेजी से आगे बढ़ते शहरों के रूप में विकसित करना है, इसके लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाओं को सख्ती से लागू करना होगा।

उन्होंने पीपीटी के माध्यम से देश-विदेश की श्रेष्ठ शहरी विकास नीतियों और नवाचारों की जानकारी दी, जिससे स्थानीय निकायों को अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, बल्कि शहरों के भविष्य की नींव है।कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि यह संगम नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को योजनाओं, अधिनियमों और नियमों की जानकारी देने का जरिया है। उन्होंने इसे संवाद का खुला मंच बताते हुए सभी प्रतिभागियों से कहा कि वे अपनी जिज्ञासाएं और शंकाएं खुलकर साझा करें। कार्यशाला में विभागीय संचालक आर. एक्का और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी शामिल हुए।




