समाजसेवी संस्था ने बेटियों को पढ़ाने के लिए अनूठी पहल की है। न्यायधानी की 50 बेटियों को निशुल्क स्कूल शिक्षा दिलाने बीड़ा उठाया है। समाज में इस पहल को लेकर काफी प्रशंसा भी हो रही है। प्रवेश लेने बेटियां भी उत्साहित हैं। सीएमडी कालेज के पास स्थित राष्ट्रीय पाठशाला में पंजीयन कराने प्रतिदिन छात्राएं पहुंच रही हैं। गर्मी को देखते हुए सुबह 11 बजे तक ही आवेदन फार्म दिए जा रहे हैं। सामाजिक क्रांति की दिशा में यह बड़ा कदम है। आर्थिक कमजोरी के कारण स्कूली शिक्षा से वंचित बेटियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।

नए शिक्षण सत्र 2024-25 की शुरुआत हो चुकी है। न्यायधानी के सभी प्रमुख स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया चालू है। ऐसे में पायल एक नया सवेरा वेलफेयर फाउंडेशन ने भी राष्ट्रीय पाठशाला में 50 बेटियों को पढ़ाने का जिम्मा उठाया है। पायल का मानना है कि समाज में लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। आईआईटी से लेकर खेल एवं अन्य गतिविधियों में परचम लहरा रही हैं। ऐसे में बिलासपुर की बेटियां भी सफलता अर्जित कर नए कीर्तिमान रचने में कामयाब होंगी।






