
छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को गति देने के प्रयासों के बीच भाजपा की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सोमवार को बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सकरी में प्रस्तावित शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को अचानक स्थगित कर दिया गया। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं नगरी प्रशासन मंत्री अरुण साव को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था, लेकिन सोमवार सुबह कार्यक्रम रद्द होने की सूचना से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।कार्यक्रम स्थगित करने के पीछे प्रशासनिक तौर पर यह तर्क दिया गया कि कुछ अतिरिक्त विकास कार्य कार्यक्रम में जोड़े जाने हैं, जिनके पूर्ण होने के बाद शिलान्यास और लोकार्पण पुनः आयोजित किया जाएगा। हालांकि केवल कार्य जोड़े जाने की वजह से कार्यक्रम टालने का कारण आम लोगों और राजनीतिक जानकारों को समझ नहीं आया, जिसके बाद इसके पीछे अन्य कारणों की अटकलें तेज हो गईं। छपे हुए निमंत्रण पत्र में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का नाम शामिल नहीं किया गया था, जबकि अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित थे। इसी बात को लेकर नाराजगी की चर्चा सामने आई और माना जा रहा है कि इसी कारण कार्यक्रम को स्थगित किया गया। हालांकि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया है।बेलतरा विधानसभा से विधायक सुशांत शुक्ला ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में किसी भी वरिष्ठ नेता की अनदेखी नहीं की गई है और सभी का पूरा सम्मान है। उनके अनुसार कुछ कार्य शेष रह गए थे, जिन्हें जोड़ने के बाद कार्यक्रम दोबारा आयोजित किया जाएगा। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी यही कहा कि कार्यक्रम स्थगन का कारण पूरी तरह तकनीकी और विकास कार्यों से जुड़ा है, न कि किसी नेता के नाम को लेकर।




