
बिलासपुर, सरकंडा स्थित श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में मां बगलामुखी प्राकट्य महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। पुष्य नक्षत्र एवं अष्टमी तिथि के पावन योग में मां का षोडश मंत्रों से अभिषेक व श्रृंगार कर सहस्त्रार्चन किया गया।महोत्सव की शुरुआत रुद्राभिषेक, देवी त्रिपुरसुंदरी सहित अन्य देवियों के विशेष पूजन, श्रृंगार व छप्पन भोग अर्पण के साथ हुई।

पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश महाराज ने जानकारी दी कि मां बगलामुखी को पीला रंग अति प्रिय है, अतः पीले फूल, फल एवं वस्त्र से पूजन करने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को बगलामुखी देवी एवं दुर्लभ पारद शिवलिंग के संयुक्त दर्शन प्राप्त हो रहे हैं, जो एक अद्वितीय संयोग है। यह शिव-शक्ति की संयुक्त कृपा से युक्त दर्शन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। पारद शिवलिंग की पूजा से आर्थिक समृद्धि, वैभव और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है, वहीं मां बगलामुखी की कृपा से शत्रु बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने इस दुर्लभ संयोग का लाभ उठाया और सुख-शांति की कामना की। यह आयोजन भक्तों के लिए आत्म-साक्षात्कार और साधना की दृष्टि से अत्यंत फलदायी बताया जा रहा है। डॉ. दिनेश महाराज ने बताया कि माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं और उन्हें पीताम्बरा भी कहा जाता है। इनकी उपासना से वाद-विवाद में विजय, रोग निवारण, मुकदमों से मुक्ति, विवाह बाधा जैसी समस्याओं का समाधान होता है। देवी सच्चे भक्त को तीनों लोकों में अजेय बनाती हैं और उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाती हैं।




