
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर एक कैंसर पीड़ित महिला की तबीयत बिगड़ने पर बुलाई गई एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिससे इलाज में देरी के कारण उसकी मौत हो गई। महिला 18 मार्च को ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से रायपुर से बुढ़ार जा रही थी और तबीयत बिगड़ने पर बिलासपुर स्टेशन पर स्ट्रेचर से बाहर लाया गया, लेकिन एम्बुलेंस देर से पहुंची और मरीज की मौत के बाद ले जाने से इनकार कर दिया।इस लापरवाही पर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार और रेलवे को महिला के परिजनों को संयुक्त रूप से 3 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।इसी तरह दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 11 घंटे देरी से एम्बुलेंस पहुंचने के कारण एक और मरीज की मौत हो गई। दोनों मामलों को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानते हुए सुनवाई की और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है, साथ ही भविष्य में मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।




