तारबहार थाना क्षेत्र के भारत माता स्कूल में दो छात्रों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक नाबालिग ने गुस्से में आकर दूसरे छात्र पर चाकू से हमला कर दिया। स्कूल में अफरातफरी मच गई, घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की। तारबहार थाना क्षेत्र के भारत माता स्कूल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। परीक्षा देकर स्कूल से बाहर निकले आठवीं कक्षा के छात्र यश थामस पर उसके ही सहपाठी ने चाकू से हमला कर दिया। मामूली हंसी-मजाक के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गुस्से में आकर आरोपी छात्र ने चाकू निकालकर यश के पैर पर वार कर दिया। वारदात के बाद स्कूल में अफरातफरी मच गई और घायल छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यश अपने दोस्तों के साथ स्कूल परिसर में नाश्ता कर रहा था। इसी दौरान हंसी-मजाक के बीच उसने एक छात्र पर कमेंट कर दिया, जिससे नाराज होकर आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया। चाकू का वार बाएं पैर के घुटने के ऊपर लगा, जिससे खून बहने लगा। घायल छात्र दर्द से तड़पता रहा और साथी छात्र व शिक्षक घबरा गए। स्कूल प्रशासन भी घटना से स्तब्ध रह गया, लेकिन सवाल उठता है कि स्कूल में सुरक्षा जांच क्यों नहीं थी, जिससे एक छात्र चाकू लेकर स्कूल के अंदर घुस गया।घटना की सूचना मिलते ही यश के परिजन स्कूल पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए। इसके बाद वे आरोपी छात्र के खिलाफ तारबहार थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की। परिजनों का कहना है कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। पुलिस की निष्क्रियता को लेकर परिजनों में रोष है। उनका कहना है कि एक स्कूल में इस तरह की हिंसक घटना होना गंभीर लापरवाही है और पुलिस द्वारा FIR दर्ज न करना कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि कैसे एक छात्र चाकू लेकर परिसर में घूम रहा था। इस घटना ने स्कूल प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पुलिस किसी दबाव में काम कर रही है, या फिर वह अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है? अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस मामले में कार्रवाई करता है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।




