
वृन्दावन धाम के स्वामी यदुनंदन सरस्वती महराज ने प्रेस क्लब मे पत्रकारों से धर्म और अध्यात्म पर चर्चा मे कहा राम मंदिर कि स्थापना को लेकर शंकराचार्य का अभिमत शास्त्रीय पक्ष को लेकर था जिसे भाजपा नही मानती. इसलिए सरकार ने स्थानीय पंडितो के बताये अनुसार प्राण प्रतिष्ठा कर दिया. स्वामी यदुनन्दन ने कहा बिलासपुर से उनका नाता 30 सालो से भी पुराना है. वे मूलतः छत्तीसगढ़ के जांजगीर चाम्पा जिले के निवासी हैं, जिन्होंने बाल्ययकाल में सन्यास लेकर घर त्याग दिया था. उन्होंने कहा आस्था और धार्मिक कार्यों मे आडम्बर का बोलबाला है. सबकुछ दिखावे के लिए किया जाता है इसके लिए मिडिया कि भूमिका भी कमतर नही है.




