
शासन के निर्देश पर सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया था, जिसकी अंतिम तिथि 1 मई तय की गई थी। साफ कहा गया था कि 1 मई से जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नम्बर नहीं मिलेगी, उन पर कार्यवाही की जाएगी। लेकिन तय तिथि के बावजूद जिले में बड़ी संख्या में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग पाई, जिसके चलते प्रशासन ने एक बार फिर तिथि बढ़ा दी है।जिला परिवहन विभाग की ओर से अब तक कई जगहों पर कैंप लगाकर वाहन चालकों को हाई सिक्योरिटी नम्बर लगाने की समझाइश दी जा रही है। कलेक्टर कार्यालय, आरटीओ दफ्तर समेत विभिन्न सरकारी विभागों में कैंप आयोजित कर लोगों को हिदायत दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाएं, ताकि भविष्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई से बचा जा सके।जिले में इस कार्य के लिए अधिकृत वेंडर नियुक्त किए गए हैं, जिनकी 16 शाखाएं विभिन्न स्थानों पर सक्रिय हैं। वाहन मालिक ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। परिवहन विभाग लगातार आम जनता से अपील कर रहा है कि वे लापरवाही न बरतें और तय समयसीमा में नंबर प्लेट लगवा लें, क्योंकि भविष्य में कोई भी रियायत नहीं दी जाएगी।वहीं दूसरी ओर,इस पूरे अभियान में आरटीओ और पुलिस प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हो रही है। अभी भी शहर में कई ऐसे वाहन चल रहे हैं जिनमें हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट नहीं लगी है, और इनमें आम लोगों के साथ-साथ कई पुलिसकर्मी और अधिकारी भी शामिल हैं। इससे साफ है कि नियम केवल कागजों तक सीमित हैं और ज़मीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा।




